Free Tarbandi Yojana 2026: केंद्र और राज्य सरकारें समय-समय पर किसानों की आय बढ़ाने और खेती को सुरक्षित बनाने के लिए नई योजनाएं लागू करती रहती हैं। इन्हीं प्रयासों के तहत राजस्थान में किसानों के लिए फ्री तारबंदी योजना चलाई जा रही है।
इस योजना का मकसद खेतों की सुरक्षा मजबूत करना है ताकि आवारा पशुओं से फसलों को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
अक्सर किसान अधिक खर्च के कारण खेतों के चारों ओर बाड़ नहीं लगा पाते, जिससे फसल हानि होती है। अब सरकार की सब्सिडी सहायता से यह काम आसान हो गया है।
Free Tarbandi Yojana 2026 योजना का मुख्य उद्देश्य
इस योजना का मूल उद्देश्य किसानों को आर्थिक सहयोग देकर खेतों के चारों ओर कांटेदार तारबंदी करवाने के लिए प्रोत्साहित करना है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा पशुओं की समस्या लगातार बढ़ रही है, जिससे खड़ी फसल को भारी नुकसान होता है।
तारबंदी होने से पशु खेत में प्रवेश नहीं कर पाते और फसल सुरक्षित रहती है। इससे किसान अधिक क्षेत्र में खेती करने के लिए प्रेरित होते हैं, जिससे कृषि उत्पादन में भी वृद्धि होती है।
खेतों की बाड़ यदि मजबूत न हो तो पशु आसानी से अंदर घुसकर फसल चर जाते हैं। खासकर रात के समय यह समस्या ज्यादा देखी जाती है।
कांटेदार तारों से की गई बाड़ पशुओं को रोकने में प्रभावी मानी जाती है। यह टिकाऊ होती है, कम रखरखाव मांगती है और लंबे समय तक चलती है। इसके कारण किसान की मेहनत और लागत दोनों सुरक्षित रहती हैं।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
इस योजना के तहत खेतों की बाड़ इस्पात के मजबूत तारों से की जाती है। यह तार जंग से जल्दी प्रभावित नहीं होते और खुले वातावरण में लंबे समय तक टिके रहते हैं।
बाड़ में कई पंक्तियों में तार लगाए जा सकते हैं, जिससे सुरक्षा और मजबूत हो जाती है। अन्य प्रकार की बाड़ की तुलना में यह अपेक्षाकृत सस्ती और ज्यादा टिकाऊ मानी जाती है। एक बार लगाने के बाद लंबे समय तक विशेष रखरखाव की जरूरत नहीं पड़ती।
सुरक्षा से जुड़े पहलू
हालांकि कांटेदार तारबंदी फसल की सुरक्षा के लिए प्रभावी है, लेकिन इसमें सावधानी भी जरूरी है। तेज और नुकीले तारों के कारण जानवरों को चोट लग सकती है, खासकर जब वे घबराकर बाड़ पार करने की कोशिश करते हैं।
कुछ मामलों में तार स्पष्ट दिखाई नहीं देने के कारण व्यक्ति भी घायल हो सकते हैं। इसलिए बाड़ लगाते समय उचित संकेतक या चिन्ह लगाना फायदेमंद रहता है ताकि अनावश्यक दुर्घटनाएं रोकी जा सकें।
कितनी मिलेगी सब्सिडी
फ्री तारबंदी योजना के तहत किसानों को अच्छी-खासी सब्सिडी प्रदान की जा रही है।
- लघु एवं सीमांत किसानों को लागत का 60% तक अनुदान, अधिकतम ₹48,000 तक दिया जाता है।
- अन्य श्रेणी के किसानों को 50% सब्सिडी, अधिकतम ₹40,000 तक मिलती है।
- यदि किसान समूह या सामुदायिक आधार पर आवेदन करते हैं तो उन्हें 70% तक सहायता, अधिकतम ₹56,000 तक दी जाती है।
इस आर्थिक सहायता से किसानों पर तारबंदी का बोझ काफी कम हो जाता है।
Free Tarbandi Yojana 2026 पात्रता शर्तें
योजना का लाभ लेने के लिए किसान का संबंधित राज्य का मूल निवासी होना आवश्यक है। व्यक्तिगत आवेदन के लिए कम से कम 0.5 हेक्टेयर कृषि भूमि होना जरूरी है।
सामूहिक आवेदन की स्थिति में न्यूनतम 1.5 हेक्टेयर भूमि निर्धारित की गई है। केवल वही किसान इस योजना के पात्र होंगे जिनके नाम पर कृषि भूमि दर्ज हो।
सरकार इस योजना के अंतर्गत अधिकतम 400 मीटर तक की तारबंदी पर अनुदान देती है। यदि खेत की परिधि इससे अधिक है, तो अतिरिक्त लंबाई की बाड़ किसान को अपने खर्च पर लगानी होगी। इसलिए आवेदन से पहले खेत की नाप-जोख कर लेना लाभदायक रहता है।
Free Tarbandi Yojana 2026 आवेदन प्रक्रिया
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को राज किसान पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होता है। आवेदन के दौरान भूमि संबंधित दस्तावेज, पहचान पत्र और बैंक खाता विवरण देना आवश्यक होता है।
सत्यापन के बाद पात्र किसानों को स्वीकृति प्रदान की जाती है और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अनुदान राशि जारी की जाती है।
योजना का कृषि पर प्रभाव
इस योजना से न केवल किसानों को फसल सुरक्षा मिल रही है, बल्कि खेती के प्रति उनका विश्वास भी बढ़ रहा है। जब फसल सुरक्षित रहती है तो उत्पादन में वृद्धि होती है, जिससे आय बढ़ती है। यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और कृषि क्षेत्र को स्थिर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इस प्रकार, फ्री तारबंदी योजना किसानों के लिए फसल सुरक्षा, आर्थिक सहायता और कृषि विस्तार का एक प्रभावी साधन बनकर सामने आई है।

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